Lata Mangeshkar Full Short Biography, Essay, quotes , Summary, Wiki Pedia in Hindi

 Lata Mangeshkar Full Short Biography, Essay,  quotes ,

Summary, Wiki Pedia in Hindi

Lata Mangeshkar Biography,Essay,  quotes , Summary, Wiki Pedia
दोस्तों आज हम एक ऐसी महान शख्सियत के बारे में बात करेंगे जिसने अपनी सुरीली आवाज के दम पर ना केवल भारत में बल्कि दुनिया के हर कोने में अपनी पहचान बनाई और उन्हें उनके टैलेंट कि वजह से Queen Of Melody, Voice Of The Nation, Voice Of The Millennium जैसे कई अलग अलग नामों से भी जाना जाता है। हम बात कर रहे हैं अपने गानों से लोगों के दिलों पर राज करने वाली भारतीय सिंगर लता मंगेशकर की, जिनके गाने तो हम सभी ने सुने ही होंगे।

 हालांकि हम लता जी को बतौर एक सिंगर तो जानते हैं लेकिन बहुत ही कम लोगों को उनकी लाइफ स्टोरी और उनके सफलता के पीछे की मेहनत पता होगी  तो दोस्तों आज के इस Article में लता जी की पूरी लाइफ स्टोरी, Biography,Quotes,Wiki pedia के बारे मे जानेंगे कि किस तरह से एक आम् परिवार में पैदा होने वाली लडकी बनी  पूरे देश की आवाज

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तो दोस्तों इस कहानी की शुरुआत होती है अट्ठाईस सितम्बर उन्नीस सौ उन्तीस [28 Sep 1929] से जब मध्य प्रदेश के इंदौर में लता मंगेशकर का जन्म हुआ। उनके पिता का नाम पंडित दीनानाथ मंगेशकर था, जो कि एक् गायक और थिएटर एक्टर थे और उनकी माँ का नाम शुद्धमति  मंगेशकर था वैसे तो लता मंगेशकर का नाम शुरुआत में हेमा रखा गया था लेकिन बाद में चलकर उनके पिता ने उनका नाम आपने प्ले के एक कैरेकटर लतिका के नाम पर लता रख दिया और लता जब सिर्फ पाँच साल की थी तभी से उन्होंने अपने पिता के एक म्यूजिकल नाटक के लिए बतौर ऐक्ट्रिस काम करना शुरू कर दिया और बचपन में स्कूल के समय से ही उन्होंने गाने की प्रैक्टिस करनी भी शुरू कर दी थी।

 यहाँ तक कि वह अपने घर पर अपने पिता से गाने सीखती और फिर स्कूल में जाकर वहाँ बच्चों को सिखाती थी। लेकिन एक दिन स्कूल के टीचर ने उन्हें इसके लिए खूब फटकार लगाई और तभी से लता मंगेशकर ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया और छोटी उम्र से ही लता अपने पिता के शिष्यों की गलतियाँ पकडकर उन्हें सही सुर बताती थी और यह सब कुछ देखकर उनके पिता जान चुके थे कि एक हीरा तो उनके घर में ही है और फिर उन्होंने लता को भी अच्छी तरह से ट्रेनिंग दिलाने शुरू कर दी।

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हालांकि जब लता मंगेशकर तेरह [13] साल की थी तब हार्ट बिमारि कि वजह से उनके पिता की मृत्यु हो गई और इस टाइम पूरे परिवार पर मानो दुखों का पहाड टूट पडा और फिर पंडित दीनानाथ की मृत्यु के बाद से घर की जिम्मेदारी भी लता के ऊपर ही आ गयी क्योंकि वो अपने भाई बहनों में सबसे बडी थी और फिर इन विकट परिस्थितियों में लता के पिता के करीबी मित्र मास्टर विनायक ने उनके परिवार की खूब मदद की और उन्होंने ही लता को बतौर एक सिंगर करियर स्टार्ट करने में सहयोग दिया और फिर पहली बार लता जी ने एक मराठी फिल्म के लिए गाना गाया।

 लेकिन दुर्भाग्य से उनका यह गाना फाइनल कट में जगह नहीं बना सका। हालांकि अभी भी लता मंगेशकर ने निराश ना होकर अपना प्रैक्टिस जारी रखा और फिर उन्नीस सौ बयालीस [1942] में पहली बार उनके गाने को पहली मंगलागौर नाम के एक मराठी मूवी में सुना गया और फिर अगले ही साल उन्होंने एक हिंदी गाना भी गाया जिसके बोल थे “माता एक सपूत की दुनिया बदल दे तु” और फिर जब लता जी को यह लगने लगा कि वह इस फील्ड में सफल हो सकती है तो उन्नीस सौ पैतालीस [1945] में वह पूरी तरह से मुंबई शिफ्ट हो गई और फिर यहाँ पर आने के बाद से उन्होंने अपनि आवाज सुधारने के लिए उस्ताद अमन अली खान से म्यूजिक सीखा। 

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हालांकि इसी बीच उनके सबसे बडे सहयोगी मास्टर विनायक की भी मृत्यु हो गई और अब आगे एक मेंटर के तौर पर गुलाम हैदर ने लता के लिए काम किया और फिर गुलाम हैदर ने ही लता को शशधर मुखर्जी नाम के एक प्रडूसर से मिलवाया जिन्होंने लता की आवाज को यह कहकर नकार दिया कि वो बहुत ही पतली है और इस प्रतिक्रिया से गुलाम हैदर जी गुस्सा हुए और उन्होंने गुस्से में ही कहा कि मुखर्जी साहब आप देख लेना कि आने वाले सालों में प्रडूसर और डरैक्टर लता के पैरों में गिरकर उनसे उनके फिल्मों में गाने की भीक मांगेगे और फिर लता मंगेशकर को उनके जीवन में अभी तक की सबसे बडी सफलता मिली।

 उन्नीस सौ अडतालीस [1948] में जब उन्होंने मजबूर फिल्म का एक गाना गाया जिसके बोल थे “दिल मेरा तोडा मुझे कहीं का ना छोडा” और यह गाना पूरे भारत में बहुत बडा हिट साबित हुआ और अब सच में हर म्यूजिक डरैक्टर उनके साथ काम करने का सपना देखने लगे और फिर आगे चलकर लता जी ने शंकर जयकिशन, नौशाद अली, ऍसडी बर्मन, अमरनाथ, हुसन लाल और भगत राम जैसे बडे बडे म्यूजिक डरैक्टर के साथ काम किया और अपने आवाज से उन्होंने बहुत ही जल्द लोगों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना दिया।

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हालांकि सफलता के साथ ही लता जी के दुश्मन भी बढ चुके थे और इसीलिए उन्नीस सौ बासठ [1962] में तबियत बिगडने के बाद उन्हें यह पता लगा की थोडी थोडी मात्रा में उन्हें कोई जहर दे रहा था और फिर अच्छी तरह से इन्वेस्टिगेशन के बाद यह पता चला कि वह आदमी उनका कुक था जो कि भागने में कामयाब रहा हालांकि कुछ महीनों के बाद से लताजी पूरी तरह से ठीक हो गई

सत्ताईस जनवरी उन्नीस सौ तिरसठ [27 Jan 1963] को वह उस समय के प्रधानमंत्री जी जवाहरलाल नेहरू के सामने “अ मेरे वतन के लोगों गाना” गाना गाई और कहते हैं कि इस गाने को सुनकर वहाँ पर बैठे सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गए थे और फिर आगे चलकर संगीत जगत में लता जी के योगदान के लिए उन्हें पद्मविभूषण, दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, राजीव गाँधी सद्भावना अवॉर्ड और भारत रत्न जैसे कई सारे सर्वोच्च सम्मान भी मिल चुके हैं और यह सभी अवॉर्ड अपने आप में ही लता जी के सफलता की गाथा बताते हैं 6 February 2022 को लता मंगेशकर कि म्रत्यु हो गयी

 

 दोस्तों अंतिम में बस मैं यही कहना चाहूँगा कि लता मंगेशकर भारत की वह महिला हैं जिन पर हम सभी को गर्व है

FAQ:

Q:  लता मंगेशकर जी को किन नामो से जाना जाता है?

Ans: Queen Of Melody, Voice Of The Nation, Voice Of The Millennium

Q:  लता मंगेशकर का जन्म कब हुआ था ?

Ans: लता मंगेशकर का जन्म  28 Sep 1929 को हुआ था

Q:   लता मंगेशकर का जन्म कहा हुआ था ?

Ans लता मंगेशकर का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था

Q:    लता मंगेशकर कि मृत्यु कब हुई थी ?

Ans:  6 February 2022 को लता मंगेशकर कि म्रत्यु हो गयी

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