Lata Mangeshkar Full Short Biography, Essay, quotes ,
Summary, Wiki Pedia in Hindi
दोस्तों आज हम एक ऐसी महान शख्सियत के बारे में बात करेंगे जिसने अपनी सुरीली आवाज के दम पर ना केवल भारत में बल्कि दुनिया के हर कोने में अपनी पहचान बनाई और उन्हें उनके टैलेंट कि वजह से Queen Of Melody, Voice Of The Nation, Voice Of The Millennium जैसे कई अलग अलग नामों से भी जाना जाता है। हम बात कर रहे हैं अपने गानों से लोगों के दिलों पर राज करने वाली भारतीय सिंगर लता मंगेशकर की, जिनके गाने तो हम सभी ने सुने ही होंगे।
हालांकि हम लता जी
को बतौर एक सिंगर तो जानते हैं लेकिन बहुत ही कम लोगों को उनकी लाइफ स्टोरी और
उनके सफलता के पीछे की मेहनत पता होगी तो दोस्तों आज के इस Article में लता जी की पूरी लाइफ स्टोरी, Biography,Quotes,Wiki pedia के बारे मे जानेंगे कि किस तरह से एक आम् परिवार
में पैदा होने वाली लडकी बनी पूरे देश की आवाज
यहाँ तक कि वह अपने घर पर अपने पिता से गाने सीखती और फिर स्कूल में जाकर वहाँ बच्चों को सिखाती थी। लेकिन एक दिन स्कूल के टीचर ने उन्हें इसके लिए खूब फटकार लगाई और तभी से लता मंगेशकर ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया और छोटी उम्र से ही लता अपने पिता के शिष्यों की गलतियाँ पकडकर उन्हें सही सुर बताती थी और यह सब कुछ देखकर उनके पिता जान चुके थे कि एक हीरा तो उनके घर में ही है और फिर उन्होंने लता को भी अच्छी तरह से ट्रेनिंग दिलाने शुरू कर दी।
हालांकि जब लता
मंगेशकर तेरह [13] साल की थी तब हार्ट बिमारि कि वजह से उनके पिता की मृत्यु हो गई
और इस टाइम पूरे परिवार पर मानो दुखों का पहाड टूट पडा और फिर पंडित दीनानाथ की
मृत्यु के बाद से घर की जिम्मेदारी भी लता के ऊपर ही आ गयी क्योंकि वो अपने भाई
बहनों में सबसे बडी थी और फिर इन विकट परिस्थितियों में लता के पिता के करीबी
मित्र मास्टर विनायक ने उनके परिवार की खूब मदद की और उन्होंने ही लता को बतौर एक
सिंगर करियर स्टार्ट करने में सहयोग दिया और फिर पहली बार लता जी ने एक मराठी
फिल्म के लिए गाना गाया।
लेकिन दुर्भाग्य से उनका यह गाना फाइनल कट में जगह नहीं बना सका। हालांकि अभी भी लता मंगेशकर ने निराश ना होकर अपना प्रैक्टिस जारी रखा और फिर उन्नीस सौ बयालीस [1942] में पहली बार उनके गाने को पहली मंगलागौर नाम के एक मराठी मूवी में सुना गया और फिर अगले ही साल उन्होंने एक हिंदी गाना भी गाया जिसके बोल थे “माता एक सपूत की दुनिया बदल दे तु” और फिर जब लता जी को यह लगने लगा कि वह इस फील्ड में सफल हो सकती है तो उन्नीस सौ पैतालीस [1945] में वह पूरी तरह से मुंबई शिफ्ट हो गई और फिर यहाँ पर आने के बाद से उन्होंने अपनि आवाज सुधारने के लिए उस्ताद अमन अली खान से म्यूजिक सीखा।
उन्नीस सौ अडतालीस [1948] में जब उन्होंने मजबूर फिल्म का एक गाना गाया
जिसके बोल थे “दिल मेरा
तोडा मुझे कहीं का ना छोडा” और यह गाना पूरे भारत में बहुत बडा हिट साबित हुआ और
अब सच में हर म्यूजिक डरैक्टर उनके साथ काम करने का सपना देखने लगे और फिर आगे
चलकर लता जी ने शंकर जयकिशन, नौशाद अली, ऍसडी बर्मन, अमरनाथ, हुसन लाल और भगत राम जैसे बडे बडे म्यूजिक डरैक्टर के साथ
काम किया और अपने आवाज से उन्होंने बहुत ही जल्द लोगों के दिलों में अपनी एक अलग
जगह बना दिया।
सत्ताईस जनवरी उन्नीस सौ तिरसठ [27 Jan 1963] को वह उस समय के प्रधानमंत्री जी जवाहरलाल
नेहरू के सामने “अ मेरे वतन के लोगों गाना” गाना गाई और कहते हैं कि इस गाने को
सुनकर वहाँ पर बैठे सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गए थे और फिर आगे चलकर संगीत
जगत में लता जी के योगदान के लिए उन्हें पद्मविभूषण, दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, राजीव गाँधी
सद्भावना अवॉर्ड और भारत रत्न जैसे कई सारे सर्वोच्च सम्मान भी मिल चुके हैं और यह
सभी अवॉर्ड अपने आप में ही लता जी के सफलता की गाथा बताते हैं 6 February 2022 को लता मंगेशकर कि
म्रत्यु हो गयी।
दोस्तों अंतिम में
बस मैं यही कहना चाहूँगा कि लता मंगेशकर भारत की वह महिला हैं जिन पर हम सभी को
गर्व है ।
FAQ:
Q: लता मंगेशकर जी को किन
नामो से जाना जाता है?
Ans: Queen Of Melody, Voice Of The Nation,
Voice Of The Millennium
Q: लता मंगेशकर का जन्म कब हुआ था ?
Ans: लता मंगेशकर का जन्म 28 Sep 1929 को हुआ था।
Q: लता मंगेशकर का जन्म कहा हुआ था ?
Ans लता मंगेशकर का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ
था।
Q: लता मंगेशकर कि मृत्यु कब हुई थी ?
Ans: 6 February 2022 को लता मंगेशकर कि म्रत्यु हो गयी।





