Rabindranath Tagore Full Biography, Essay, poems, quotes , Summary, Wiki Pedia

 Rabindranath Tagore Full Biography, Essay, poems, quotes Short, Summary, Wiki Pedia

Rabindranath Tagore Biography, Essay, Summary


    1. Introduction

    जब भी हम साहित्य की बात करते हैं तो दिमाग में सबसे पहले जिस शख्सियत का नाम आता है वे है रविंद्रनाथ टैगोर एक ऐसी प्रतिभा जो पहचान की मोहताज नहीं है। इन्होंने साहित्य को जिस ऊंचाइयों तक पहुंचाया है वह काबिले तारीफ है। वे नोबेल पुरस्कार पाने वाली प्रथम एशियाई है तथा केवल एकमात्र भारतीय साहित्यकार है जिससे यह पुरस्कार मिला है।

     

     2. Biography Or Essay

    Rabindranath Tagore Biography, Essay, Summary

    रविंद्रनाथ टैगोर का जन्म सात मई अठारह सौ इकसठ  [7 May 1861] को कोलकाता के जोरासंको ठाकुरबाडी में देवेंद्रनाथ टैगोर और शारदा देवी के यहाँ हुआ था। उन का परिवार बहुत प्रसिद्ध और समृद्धशाली था। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है उनके पिता बहुत ही सरल और सामाजिक जीवन प्रिय व्यक्ति थे। रविंद्र जब छोटे थे तभी उनकी माँ का स्वर्गवास हो गया था। उनके पिता अपना ज्यादातर समय यात्रा में व्यतीत करते थे। इसलिए रविंद्र का अधिकतम समय नौकर चाकर के बीच से गुजरा उन्होंने ही रविंद्र का लालन पालन किया।

     रविंद्र को बचपन से ही कविता, छ्न्द आदि लिखने में बडी रुचि थी। केवल आठ साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली कविता लिखी और फिर सोलह साल की उम्र में उनकी लघु खता का प्रकाशन हुआ। उनके पिता ब्रह्म समाज से संबंध रखते थे। इस कारण टैंगोर भी ब्रह्म समाज से जुडे हुए थे। लेकिन उन्होंने अपनी रचनाओं से सनातन धर्म को भी आगे बढाने का कार्य किया। रविंद्र नाथ की प्रारंभिक शिक्षा सेंट सेवियर स्कूल में हुई।

     उनके पिता हमेशा से ही चाहते थे कि रविंद्र बडे होकर बैरिइस्टर बने। इसलिए उन्होंने कानून की पढाई के लिए अठारह सौ अठहत्तर [1878] में लंदन भेज दिया। लेकिन रविंद्र का मन तो बस साहित्य में ही रहता था। कुछ समय तक लंदन में कानून की पढाई करने के बाद अठारह सौ अस्सी [1880] में वह अपनी डिग्री पूरी किए बिना ही वापस अपने देश आ गए। रविंद्रनाथ टैगोर के बडे भाई एक अच्छे कवि और दार्शनिक थे।

    Rabindranath Tagore Biography, Essay, Summary

     उनके एक अन्य भाई सत्येंद्रनाथ टैगोर भारतीय सिविल सेवा में शामिल होने वाले पहले भारतीय बने। एक और भाई ज्योतिंद्रनाथ अच्छे नाटककार और संगीतकार थे। उनकी बहन भी इस साहित्यिक माहौल से अछूती नहीं रही। वह भी अच्छी कवित्री और उपन्यासकार थी। टैगोर का मन पारंपरिक शिक्षा पद्धति में बिलकुल नहीं लगता था। वे कक्षा में बैठकर पढने के पक्ष में नहीं थे। रविंद्रनाथ टैगोर के महान कार्यों में से एक शांति निकेतन में विद्यालय की स्थापना भी है। यह विद्यालय पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित शांति निकेतन में एक प्रायोगिक विद्यालय के रूप में स्थापित किया गया था जिसमें आरंभ में सिर्फ पांच छात्र थे।

     इन पांच छात्रों में उनका स्वयं का पुत्र भी शामिल था। उन्नीस सौ इक्कीस [1921] में राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा पाने वाले विश्व भारती में इस समय लगभग छह हजार छात्र पढते हैं। इसी के इर्द गिर्द शांति निकेतन बसा था जहाँ उन्होंने भारत और पश्चिम परंपराओं के सर्वश्रेष्ठ को मिलाने का प्रयास किया। शांति निकेतन की गणना कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में एक आदर्श विश्वविद्यालय के रूप में होती है। इंदिरा गाँधी जैसी कई हस्तियों ने शांति निकेतन से शिक्षा ग्रहण की है।

     टैगोर ने अपने जीवन काल में करीब बाईस सौ तीस [2230] गीतों की रचना की। उन के सबसे महान कार्य में से एक गीतांजलि की रचना है जिसके लिए उन्हें उन्नीस सौ तेरह [1913] में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस समय भी गीतांजलि कि ख्याति इतनी थी कि इसका लगभग सभी विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया जिससे कि टैगोर कि ख्याति दुनिया के कोने कोने में फैल गई।

    Rabindranath Tagore Biography, Essay, Summary

    इसके अलावा टैगोर के नाम एक और महान कार्य है। टैगोर को दो देशों का राष्ट्रगान लिखने का गौरव प्राप्त है।

    भारत का राष्ट्रगान जन गण मन और बांग्लादेश का राष्ट्रीयगान आमार सोनार बांग्ला इन्ही के द्वारा लिखे गए हैं। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन भि रविंद्रनाथ टैगोर की प्रतिभा से बहुत प्रभावित थे। आइन्स्टाइन श्री टैगोर को रब्बी टैगोर के नाम से बुलाते थे जिसमें रबी का अर्थ है मेरे गुरु यहूदी धर्म में गुरु को रबी कहकर संबोधित किया जाता है। श्री रविंद्रनाथ टैगोर राष्ट्रवाद के घोर समर्थक थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के अत्याचारों की जमकर आलोचना की और देश के लिए आजादी की मांग की।

    Rabindranath Tagore Biography, Essay, Summary
    जलियाँवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने नाइटहुड की उपाधि लौटा दी यहाँ मैं आपको बता देना चाहता हूँ की जिस व्यक्ति को नाइटहुड की उपाधि दी जाती है वह अपने नाम के आगे सर [Sir] लगा सकता है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि टैगोर ही वह प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने गाँधी जी को सर्वप्रथम महात्मा कहकर संबोधित किया था।

    रविंद्रनाथ टैगोर ने साहित्य को उन ऊंचाइयों पर पहुंचाया जिनके लिए उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। कला और साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। सात अगस्त उन्नीस सौ इकतालीस [7 Aug 1941] को वह इस लोक को त्यागकर पर-लोक चले गए लेकिन अपनी रचनाओं और गीतों के माध्यम से हमारे बीच हमेशा जीवित रहेंगे। वे साहित्य, कला, संगीत, नाटक, दर्शन के क्षेत्र के ऐसे सूर्य हैं, जो कभी अस्त नहीं होगा।

    Rabindranath Tagore Biography, Essay, Summary

    3. Rabindranath Tagore Poem

    1. तेरा आह्वान सुन कोई ना आए

    तेरा आह्वान सुन कोई ना आए, तो तू चल अकेला,
    चल अकेला, चल अकेला, चल तू अकेला!
    तेरा आह्वान सुन कोई ना आए, तो चल तू अकेला,
    जब सबके मुंह पे पाश..
    ओरे ओरे ओ अभागी! सबके मुंह पे पाश,
    हर कोई मुंह मोड़के बैठे, हर कोई डर जाय!
    तब भी तू दिल खोलके, अरे! जोश में आकर,
    मनका गाना गूंज तू अकेला!
    जब हर कोई वापस जाय..
    ओरे ओरे ओ अभागी! हर कोई बापस जाय..
    कानन-कूचकी बेला पर सब कोने में छिप जाय

    2. मन जहां डर से परे है

    मन जहां डर से परे है
    और सिर जहां ऊंचा है;
    ज्ञान जहां मुक्त है;
    और जहां दुनिया को
    संकीर्ण घरेलू दीवारों से
    छोटे छोटे टुकड़ों में बांटा नहीं गया है;
    जहां शब्द सच की गहराइयों से निकलते हैं;
    जहां थकी हुई प्रयासरत बांहें
    त्रुटि हीनता की तलाश में हैं;
    जहां कारण की स्पतष्टह धारा है
    जो सुनसान रेतीले मृत आदत के
    वीराने में अपना रास्ताद खो नहीं चुकी है;
    जहां मन हमेशा व्यासपक होते विचार और सक्रियता में
    तुम्हानरे जरिए आगे चलता है
    और आजादी के स्वेर्ग में पहुंच जाता है
    ओपिता
    मेरे देश को जागृत बनाओ

    3. FAQ: 

    Q:  Rabindranath Tagore कोन है?

    Ans: Rabindranath Tagore  नोबेल पुरस्कार पाने वाली प्रथम एशियाई है तथा केवल एकमात्र भारतीय साहित्यकार है जिससे यह पुरस्कार मिला है।

    Q:  Rabindranath Tagore का जन्म कब हुआ था ?

    Ans: Rabindranath Tagore का जन्म 7 May 1861 को हुआ था

    Q:   Rabindranath Tagore का जन्म कहा हुआ था ?

    Ans Rabindranath Tagore का जन्म कोलकाता के जोरासंको ठाकुरबाडी में हुआ था

     

     


    Post a Comment

    Previous Post Next Post

    Post Ads 1

    Post Ads 2

    Advertising Space